Tag: तुराज़

तन्हाई : “Loneliness” (Hindi Poetry) “Shayari”

तन्हाई : “Loneliness” (Hindi Poetry) “Shayari”

तन्हाई “Loneliness”  (Hindi Poetry) “Shayari” जिसने भी तन्हाई में जीना सीख लिया उसी से रू-ब-रू हुई है “ज़िंदगी” हकीकत तो यही है “तुराज़” कि भीड़ में भी तन्हा ही होता ...
इंसान विचारों से बनता है। “Human is the product of mind”

इंसान विचारों से बनता है। “Human is the product of mind”

मनुष्य विचारों से निर्मित प्राणी है। उसके मन में अनंत विचार निरंतर उठ रहे होते हैं और उनमें से जो भी विचार बार – बार उठने लगता है, जब वह ...