तुराज़ की शायरी -4 “Turaaz ki Shayari” (Hindi Poetry) मैं सोचता हूं रोज उठकर कि मैं सोकर कहां चला जाता हूं। मैं उठता हूं, फिर निकल पड़ता हूं, दुनियां में ...
तुराज़ की शायरी -3 “Turaaz ki Shayari” -3 (Hindi Poetry) जिंदगी भर दूसरे को हराता रहा “आदमी” पर मैंने तो हर आदमी को “खुद” से हारते देखा है। ...
तुराज़ की शायरी -2 “Turaaz ki Shayari” (Hindi Poetry) हसरतें कम हों गर, “मायूस” समझ लेते हैं लोग हसरतें बड़ गई हैं अब बेचैन दिल कहते हैं लोग ...
तुराज़ की शायरी -1 “Turaaz ki Shayari” (Hindi Poetry) कहां रह पाता हूं मैं बिन तेरे दीदार के मेरे जिगर में धड़कन तुझ ही से है। हर रात का ...
आदमी पागल है Human Being is Mad (Hindi Poetry) घर के रास्ते पर चलते हुए मैंने एक पागल सा देखा है…… अक्षरधाम मंदिर के सामने ही, फुटपाथ पर, उसने कूड़े ...
बूढ़े मन की पीड़ा “Agony of a Older Brain” (Hindi Poetry) विरह बड़ी है तट पर हूं आज क्षत विक्षत पड़ा मैं भव-सागर की लहरों से आहत, बहुत गोते मारे ...
पहाड़ की मौत “Death of a Mountain” (Hindi Poetry) आज फिर भयावह चीख से टूटा है कोई पहाड़ मैं गवाह हूं उसके व्यक्त दुख का जो असहनीय है- सूख चुकी ...
हर-घर तिरंगा “TriColour at every Home” (Hindi Poetry) हर घर तिरंगा घर घर तिरंगा कर दो वतन को रंग-बिरंगा आओ मिलकर आजादी का जश्न मनाएं भारत माता की गाथा ...
शब्द और वाणी “Word and Voice” (Hindi Poetry) उत्तम अभिव्यक्ति अपेक्षित है साक्षरता का साक्ष्य यही मौन प्रखर है, माध्यम भी अंतर्दृष्टि की अभिव्यक्ति यही कुछ भी शब्दों के प्रत्युत्तर ...
मैं नन्हाँ सा गुल हूं (I am a Little Flower) Hindi Poetry मैं उस पेड़ का फूल नहीं जिसमें मंद मंद मुस्कान नहीं न झरे मधु, बिखरे गंध नहीं न ...