जीवन में क्या पाया ? “What did you get from Life”? (Hindi Poetry) एक सपना सा था शायद! मैं आया था जगत में एक खेत और कुछ बीज लिए, खेत ...
तुराज़ की शायरी “Turaaz ki Shayari” (Hindi Poetry) उन ख्वाबों की “हसरतें” अब बड़ने ही लगी हैं जो ज़ख्म जिगर पर “चुभन”, मीठी सी बनकर लोरी सी गाते हैं, ...
निगाहों का सिला “Eye Contact” (Hindi Poetry) जब भी देखा उसने भरी निगाह से, मुझे दिया ही दिया है.. तेरी निगाहों को देखे बिना “तुराज़” के जीने का सिला ...
तुराज़ की शायरी -11 “Turaaz ki Shayari” (Hindi Poetry) कुछ थोड़े ही था बस, बातों बातों में एक बात बन गई वह भी बातों बातों में बात करने लगे ...
प्यार के बढ़ते कदम “First Step to Love” (Hindi Poetry) रात भर तलाश रही उस ख्वाब की हमें जो जब आया तो आते ही टूट गया एक मुस्कुराहट आई ही ...
तुराज़ की शायरी -10 Turaaz ki Shayari-10 (Hindi Poetry) कुछ बचा लेने की तमन्ना में कुछ सपने मेरे राख हुए हैं। कुछ पा लेने की जिद में कुछ दीये, रौशन ...
तुराज़ की शायरी -09 “Turaaz ki Shayari” (Hindi Poetry) दुनियां को समझना तो दूर रहा खुद को समझना भी आसान कहां बेकार की कोशिश है यहां पैर जमाना कौन है ...
तुराज़ की शायरी -8 “Turaaz ki Shayari-8” (Hindi Poetry) सब सोचते हैं – काश जिंदगी आसाँ होती… मगर, अगर आसाँ होती तो हम रोते हुए क्यों आते… “”””””””””””” “गैर” कोई ...
तुराज़ की शायरी -7 “turaaz ki Shayari” (Hindi Poetry) इंतज़ार बहुत मुश्किल होता है मगर बेहद ज़रूरी होता है ज्यों बिना पतझड़ के बसंत नहीं होता बिना अमावस के पूरा ...
तुराज़ की शायरी -6 “Turaaz ki Shayari” (Hindi Poetry) दूसरों को बदलने की कोशिश में वक़्त बर्बाद न कर यह ख़्वाहिश ख्वाबों में दबी रह जाती है, तू ठहर कर ...