जिंदगी पर कविता
“Poetry on Life“
(Hindi Poetry)
जिंदगी से मत पूछो
जिंदगी की कहानी
जो जी रहे हो,
अभी जिंदगी
इसी में छिपी है
तुम्हारी सारी कहानी
“जिंदगी”,
किसी की अच्छी
लगती है तुम्हें,
किसी को अच्छी
लगती है तुम्हारी
जिंदगी से मत पूछो
जिंदगी की कहानी
“जिंदगी” रोज उठाती है
तुम्हें सुबह को
पूरे दिन, दौड़ाती भी है
तुम्हें जिंदगानी
कुछ भूत की
नादानियों का
हिसाब लेती है जिंदगी
कुछ वर्तमान में
करवाती है जिंदगानी
नए की हमें आदत कहां हैं
दोहराते हैं हम
वही पुरानी कहानी
जिंदगी से मत पूछो
जिंदगी की कहानी
करते तुम्हीं हो
भरते तुम्हीं हो
फिर पूछते हो
जिंदगी से कहानी
जीते रहो
जब तक मिली है
क्यों ? और कैसे की
क्या बात उठानी
जिंदगी से मत पूछो
जिंदगी की कहानी
आज है
कल का क्या पता है
रोने से बेहतर है
मौज में जी लो
जिंदगी ने,
न आते समय बताया
न जाते समय,
बताने वाली है जिंदगानी
जिंदगी से मत पूछो
जिंदगी की कहानी।
तुराज़….✍️
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Zindagi aisi hi hai..
Jaise aap ne bta diya…
Kuch hi lines mai..🖤🖤
Thnx,
I heartily love my reader’s prompt response that always boosts me up.
Regards,
🙏🙏🌹
Heartwarming 🌱☘️🍁
Thnx sir,
Hope you will get more such content regularly 😊🙏❤️