बुद्ध के उपदेश “Buddhist teachings”(Motivational Thoughts)

बुद्ध के उपदेश “Buddhist teachings”(Motivational Thoughts)

बुद्ध के उपदेश

“Buddhist teachings”

(Motivational Thoughts)

 

हर मनुष्य अपने जीवन का सर्वांगीण विकास करना चाहता है। उसके लिए प्रयास भी करता है। यह बात जरूर है कि हर एक के पास संसाधन अपनी अपनी क्षमता के अनुसार ही होते हैं मगर कुदरत की जीवन ऊर्जा सबके पास बराबर है।

 

यह बात भी ठीक है कि उसके संस्कारों की वजह से उसके सोचने समझने की ताकत अलग हो सकती है क्योंकि सोच समझ में मन और कर्म का बहुत बड़ा योगदान होता है।

 

मनुष्य जिस तरह की विचारधारा रखता है उसी तरह के कर्मों को अंजाम देना लाजमी है और विचारधारा बनती है उसके अपने कर्मों के द्वारा, संस्कारों के द्वारा, घर परिवार और समाज के द्वारा। उसकी पढ़ाई लिखाई, उसकी संस्कृति, देश, समाज सबका बड़ा योगदान उसकी सोचने और समझने की क्षमता और उसकी सोच पर पड़ता है।

 

इसीलिए मनुष्य को अपने जीवन की तरफ ही देखना चाहिए। उसका जीवन उसके ही द्वारा बदल सकता है। बाहरी लोग तो उसको गाइड कर सकते हैं। उसका हौसला बड़ा सकते हैं। जीवन तो खुद से ही बदलना होता है। बुद्ध ने कहा है कि मनुष्य ही अपना स्वामी है। बुद्ध तो मार्ग दिखा सकते हैं लेकिन चलना तो स्वयं ही होगा।

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"प्रेम" मुक्त-आकाश में उड़ती सुगंध की तरह होता है उसे किसी चार-दिवारी में कैद नहीं किया जा सकता। ~ तुराज़