बुद्ध के उपदेश (Buddha’s teachings) Spiritual Thoughts

बुद्ध के उपदेश (Buddha’s teachings) Spiritual Thoughts

बुद्ध के उपदेश

(Buddha’s teachings)

Spiritual Thoughts

 

धम्म शाश्वत है और यही समस्त प्राणियों का आधार भी है। धम्म ही इस सृष्टि का आधार है जिस पर यह चलती है। इसीलिए धम्म ही शाश्वत सत्य भी है जो नहीं बदलता।

 

मनुष्य के अंदर वह काबिलियत रखी गई है कुदरत के द्वारा कि वह इस धम्म के मार्ग पर चल सकता है इसको समझ सकता है और फिर धम्म में ही मिल कर धम्म का ही रूप हो सकता है।

 

मनुष्य के अलावा और किसी प्राणी में यह बात नहीं है कि वह धम्म का अनुभव पूरे होश से कर सके। इसीलिए बुद्ध पुरुषों ने मनुष्य को नर और नारायण दोनों का रूप कह दिया कि यह नारायण भी बन सकता है।

 

अगर हम बुद्धों के, गुरुओं के बताए मार्ग पर चलें तो हम अपने जीवन में सच्ची खुशी प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन को आवागमन के इस दुश्चक्र से मुक्त कर सकते हैं।

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"प्रेम" मुक्त-आकाश में उड़ती सुगंध की तरह होता है उसे किसी चार-दिवारी में कैद नहीं किया जा सकता। ~ तुराज़