होश और ध्यान “Awareness & Meditation” (Motivational Thoughts)

होश और ध्यान “Awareness & Meditation” (Motivational Thoughts)

होश और जागरुकता

“Awareness and Meditation”

(Motivational Thoughts)

 

होश और जागरूकता से जीवन में रस, खुशी, संपन्नता और एक दिव्य जीवन मिलता है। जागरुकता, होश (Awareness) सम्यक दृष्टि और प्रज्ञा के लिए ध्यान (Meditation) परम आवश्यक है। जैसे जैसे होश, जागरूकता गहन होती है तो मन में शांति, विचारों में कमी और सत्य का आभास होने लगता है।

ध्यान और जागरूकता के लिए बुद्ध पुरुषों की शरण, धर्म की शरण यानि Meditation technique और संघ यानि संगति अति आवश्यक है। साधारण दुनियावी मनुष्य संसार में इस तरह लिप्त है कि उसके लिए अपने से ध्यान करना बहुत मुश्किल है। उसका कोई नियम नहीं है। कोई संयम नहीं है, न कोई लगन है। वह तो जब मन किया तब ध्यान करता है जबकि मन को तो रोकना है। उसे मनाना है। उस पर अंकुश लगाना है। यदि हम मन के कहे पर चलेंगे तो हम ध्यान नहीं कर पाएंगे।

बुद्ध पुरूषों की शरण में हम एक नियम में आते हैं। हमारे अंदर एक प्यास जगती है। जागृता आती है।
जीवन के मकसद का पता चलता है। ध्यान की तरफ उत्सुकता बढ़ती है। श्रद्धा और विश्वास पैदा होता है। साधारण जिंदगी में हम किसी पर पूर्ण श्रद्धा और विश्वास नहीं कर पाते।

बुद्ध पुरूषों की संगति ही जीवन बदलने में सहायक होती है।

Spread the love!

"प्रेम" मुक्त-आकाश में उड़ती सुगंध की तरह होता है उसे किसी चार-दिवारी में कैद नहीं किया जा सकता। ~ तुराज़