सरिता “River” (Hindi Poetry) देखता हूं तट पर खड़े सरिता को बनाते रास्ते बड़ रही सागर की तरफ कुछ पुण्य का भाव लिए सूखता तरुवर कहीं पर पुकार रहा हो ...
कोरोना वायरस से सावधानी “Corona Virus Awareness” (Hindi Poetry) किसी देश के किसी शहर में किसी कॉलोनी के किसी घर में किसी कमरे में किसी शख्श को खांसी उठी थी ...
“दहशत कोविड-19 महामारी की (Panic Of Covid-19 Pandemic)” (Hindi Poetry) “ख़ौफ़ के मंझर भी अजीब होते हैं, कभी कौऐ चमगादड़ से, तो कभी दीवालों पे भी साये से दिखाई देते ...
“दमकता अंगारा (Sparkling Ember)” (Hindi Poetry) “वक्त का दिया जलाये चल संसार की हवा से बचाये चल तेरी ही रोशनी से तू बढ़ेगा कदम“ अँगारे उमंग के शायद दब से ...
“आत्म-चिंतन (Self Reflection)” (Hindi Poetry) “ओस की बूंद का, दिनकर के आगे क्या परिचय ! कौन हूँ मैं, मेरा अपने से क्या परिचय!” अनंत श्रंखला है शायद मेरे आने-जाने की ...
“लकड़ी का कीड़ा (Wooden Worm)” (Hindi Poetry) “सोया-सोया सा, खोया-खोया सा मदमस्त चला जा रहा था मैं, मंजिल की तरफ शुक्र उस राह के काँटे का, जिसने मुझे चलना सिखा ...
“पैगामे पत्ता (Letter By Leaf)” (Hindi Poetry) “हवा में पत्ते की तरह बह जायेगी जिंदगी कब किसी झाड़ू ने रहम किया है “तूराज़” ढेर लगा कर, फूंक दी जायेगी जिंदगी” ...
“रहस्यमय रचना (Mysterious Creation)” (Hindi Poetry) “एक बाज़ार सा लगा दिखता है हर कोई कुछ दे जाता है, कुछ ले जाता है रहस्य तो ये है, घर तक आते-आते थैला ...
गुरुदेव ( प. जसराज जी ) (Pandit Jasraj Ji) को भाव-पूर्ण विदाई। “चमकता तारा गगन में (Shining Star In The Sky)” (Hindi Poetry) अक्सर ही अस्त हुआ सूरज घाटी पर ...
“खोज अपने की (Self Discovery)” (Hindi Poetry) हम सब खोज ही तो रहे हैं मैं आपको आप मुझे खोज रहे हैं मां – बाप बच्चों को बच्चे, खेल-खिलोने यार – ...