ध्यान से ही प्रगति होती है
“Meditation is the base of Success”
(Motivational thoughts)
ध्यान ही प्रगति का आधार होता है। जीवन के हर क्षेत्र में चाहे वह घर के कार्य हों, समाज के दायित्व हों या फिर जीवन को चलायमान करने के लिए संसाधन जुटाने का काम हो वह सब ध्यान के बिना आधा अधूरा ही रह जाता है।
ध्यान हम कैसे जागृत करते हैं यह सब भी मनुष्य के अपने इच्छाशक्ति पर निर्भर करता है। कुछ लोग अपनी जिंदगी को बेहद रुचिकर बनाकर रखते हैं तो कुछ लोग बहुत ही कैजुअल जिंदगी जीते हैं।
अपने कार्य को रुचिकर बनाए रखने के लिए अनुसंधान की भी आवश्यकता पड़ती है और नया कुछ सीखने की ललक भी जरूरी होती है जो कि ध्यान के माध्यम से ही संभव होता है।
जीवन का लक्ष्य तय करना उस तक पहुंचने के लिए सकारात्मक सोच और कार्य शैली होना बेहद जरूरी है। लक्ष्य विहीन व्यक्ति खाली ही रह जाता है और अपने मन को भी शांत नहीं रख पाता क्योंकि ध्यान के लिए लक्ष्य आवश्यक है।
रोज रोज अपनी जिंदगी की तरफ मुड़ कर देखते रहना चाहिए यह कार्य भी ध्यान से ही होता है। बिना ध्यान के आदमी अपनी गलती स्वीकार ही नहीं कर पाता। इसलिए उसके अंदर सीखने की संभावना भी खत्म हो जाती है।
हमें रोज अपने लिए कुछ समय बचाकर रखना चाहिए ताकि हम उस समय पर अपने शरीर का, अपने मन का, अपने विचारों का अवलोकन कर सकें?