Hindi Poetry परछाई “Shadow” (Hindi Poetry) परछाई “Shadow” (Hindi Poetry) जीवन के हर सुख दुख में मैंने अपनी परछाई को देखा मैं जब जब भी नाचा हूं खुशी में मैंने उसको भी नाचते देखा…. जब जब ... by Turaaz • 27 Nov, 2025
Hindi Poetry नव-वर्ष की पूर्व-संध्या : ” On the eve of New year”(Hindi Poetry) नव वर्ष की पूर्व संध्या “On the Eve of New year” (Hindi Poetry) कुछ सुख के, कुछ अपनेपन के कुछ इच्छाओं और आशाओं के सपने बुनकर सुंदर महल खड़ा कर ... by Turaaz • 31 Dec, 2021